16 फरवरी 2026 की अलसुबह, जब रेक्याविक में सुबह के 4:45 बज रहे थे, NASA के Suomi NPP सैटेलाइट ने कुछ ऐसा कैद किया जो आम नहीं था। Aurora Borealis की चमकीली धारियाँ Denmark Strait और आइसलैंड के ऊपर लहरा रही थीं। इसी दिन लगभग 06:30 UTC पर वही रोशनी कनाडा के क्यूबेक और न्यूफाउंडलैंड-लैब्राडोर प्रांत के आसमान में भी नज़र आई।
एक ही रात में हज़ारों किलोमीटर दूर दो महाद्वीपों पर यह नज़ारा। किसी CME (Coronal Mass Ejection) का नहीं, बल्कि एक "कोरोनल होल" (Coronal Hole) और सौर हवाओं की हाई-स्पीड स्ट्रीम का नतीजा था।
CME नहीं, कोरोनल होल — और यह फर्क बहुत बड़ा है
सूरज की सतह पर दो तरह की घटनाएं अरोरा पैदा करती हैं। CME एक अचानक, विस्फोटक घटना है जिसमें अरबों टन प्लाज़्मा धरती की तरफ छिटकता है। कोरोनल होल इससे बिल्कुल अलग है — यह सूर्य की बाहरी परत में एक ऐसा खुला क्षेत्र होता है जहाँ से सौर हवा लगातार और तेज़ गति से बहती रहती है।
NOAA के Space Weather Prediction Center के अनुसार, 16 फरवरी को पहले G1 (सबसे कम तीव्र) स्तर का भू-चुंबकीय तूफान था, जो बाद में उसी दिन G2 (मध्यम) स्तर तक पहुंच गया। G2 तूफान न्यूयॉर्क और इडाहो जितने दक्षिण तक अरोरा धकेल सकते हैं।
VIIRS ने रात के अंधेरे में क्या देखा
Suomi NPP सैटेलाइट पर लगा VIIRS (Visible Infrared Imaging Radiometer Suite) इंसानी आँख से कहीं ज़्यादा संवेदनशील है। इसका Day-Night Band हरे से Near-Infrared तक की रोशनी पकड़ता है — शहरों की बत्तियाँ, चाँद का परावर्तन, और अरोरा, सब एक साथ। NASA Earth Observatory ने इन्हीं तस्वीरों को 19 फरवरी को जारी किया।
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| NASA Suomi NPP satellite captures Aurora Borealis over Iceland and Canada due to Coronal Hole high-speed stream, February 2026. Credit NASA's |
तस्वीरें grayscale हैं, लेकिन ज़मीन पर मौजूद लोगों ने इसे हरे, बैंगनी और लाल रंगों में देखा — हरा रंग 100-150 किमी ऊँचाई पर ऑक्सीजन से, बैंगनी-नीला नाइट्रोजन से आता है।
NASA ने रॉकेट भी दागे — सिर्फ तस्वीरों पर नहीं रुका
इस घटना से महज़ 6 दिन पहले, 10 फरवरी को, NASA ने अलास्का के Poker Flat Research Range (फेयरबैंक्स के पास) से GNEISS मिशन के तहत दो Sounding Rockets लॉन्च किए। GNEISS यानी Geophysical Non-Equilibrium Ionospheric System Science — इसका मकसद अरोरा में बहने वाली विद्युत धाराओं का 3D नक्शा बनाना है।
ज़मीन और अंतरिक्ष दोनों से मिले data को मिलाकर वैज्ञानिक यह समझना चाहते हैं कि Space Weather का असल इंजन कैसे काम करता है।
सुंदरता के पीछे एक पुरानी चेतावनी
G1-G2 जैसे "मामूली" तूफान भले ही रोज़मर्रा की ज़िंदगी में बड़ा असर न डालें, लेकिन इतिहास बताता है कि तीव्र भू-चुंबकीय तूफान कितने ख़तरनाक हो सकते हैं। मार्च 1989 में एक शक्तिशाली तूफान ने कनाडा के क्यूबेक का पूरा पावर ग्रिड 9 घंटे के लिए ठप कर दिया था — 60 लाख लोग अंधेरे में थे। GPS disruption, रेडियो blackout और satellite orbit decay — ये सब उसी श्रृंखला के हिस्से थे।
Solar Cycle 25 और Dark Sky Tourism — दो अलग दुनियाएं, एक ही कारण
NASA और NOAA का अनुमान है कि Solar Cycle 25 का Solar Maximum 2025-2026 के आसपास है और यह Cycle 24 से काफी ज़्यादा सक्रिय निकला है। इसका मतलब है कि कोरोनल होल से उठने वाली हाई-स्पीड स्ट्रीम्स और भी बार-बार आएंगी। आइसलैंड और नॉर्वे जैसे देशों के लिए यह आर्थिक अवसर है — Dark Sky Tourism पहले से ही उनका बड़ा revenue sector है। लेकिन वही सौर गतिविधि जो पर्यटकों को खींचती है, वह पावर इंजीनियरों की नींद भी उड़ाती है।
आपसे एक सवाल: 2025-2026 का Solar Maximum सिर्फ खूबसूरत अरोरा नहीं ला रहा — हमारे इंटरनेट, GPS और पावर ग्रिड के लिए एक अदृश्य खतरा भी बन सकता है। क्या हमारी आधुनिक दुनिया 1989 जैसे किसी बड़े ब्लैकआउट से निपटने के लिए तैयार है? नीचे कमेंट्स में बताइए।


